बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी 2026 से राज्यभर के 1,699 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होगी। इस वर्ष 15,12,687 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें 7,85,722 छात्राएं और 7,26,961 छात्र शामिल हैं  यानी इस बार भी छात्राओं की संख्या अधिक है।

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने साफ किया है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रवेश को लेकर सख्त नियम

परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले केंद्र में प्रवेश मिलेगा, जबकि परीक्षा से 30 मिनट पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। तय समय के बाद पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा।

जबरन या अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश को कदाचार माना जाएगा। ऐसे मामलों में दो वर्ष तक निष्कासन और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर जबरन प्रवेश के बाद परीक्षा दिलाई जाती है तो संबंधित केंद्राधीक्षक व कर्मियों पर निलंबन और कानूनी कार्रवाई होगी।

निगरानी और सुरक्षा इंतजाम

हर परीक्षार्थी की दो स्तर पर फ्रिस्किंग होगी। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधा

दिव्यांग परीक्षार्थियों को राइटर की सुविधा दी जाएगी। साथ ही प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलेगा।

कंट्रोल रूम रहेगा सक्रिय

परीक्षा के दौरान 16 फरवरी सुबह 6 बजे से 25 फरवरी शाम 6 बजे तक कंट्रोल रूम कार्यरत रहेगा, ताकि किसी भी समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों से समय पर केंद्र पहुंचने और नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

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Saba Firdous

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