शेख अर्शी

जिला पदाधिकारी महोदय के निदेशानुसार, आज दिनांक 28 जनवरी 2026 को लिच्छवी भवन, भभुआ में जिले के सभी विभागों के प्रधान सहायकों एवं लिपिकीय संवर्ग के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण स्थापना उप समाहर्ता एवं जिला कोषागार पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान स्थापना उप समाहर्ता ने सभी प्रधान सहायकों एवं लिपिकों को सेवा संपुष्टि, वरीयता सूची के निर्धारण तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नियमों की बारीकी से जानकारी दी।

स्थापना उप समाहर्ता द्वारा कर्मियों को सेवा पुस्तिका (Service Book) के संधारण, अवकाश नियमों, एसीपी (ACP/MACP) तथा प्रोन्नति से संबंधित तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कार्यालय में विभिन्न प्रकार की पंजियों के संधारण के संबंध में भी अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि फाइलों का रख-रखाव (File Management) सुव्यवस्थित हो, ताकि आम जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो।

इस अवसर पर स्थापना उप समाहर्ता ने अपने संबोधन में कहा,

“प्रधान सहायक एवं लिपिक किसी भी कार्यालय की आधारशिला होते हैं। यदि उन्हें नियमों की पूर्ण जानकारी होगी, तो पूरी प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू एवं त्रुटिहीन रूप से कार्य करेगी।”

जिला कोषागार पदाधिकारी ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए वित्तीय अनियमितताओं से बचने के उपायों एवं ट्रेजरी नियमों के अनुपालन की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने वित्तीय नियमों पर प्रकाश डालते हुए ‘ई-ट्रेजरी’ तथा बिलों के सही तरीके से भुगतान की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने कहा कि बजट का सही आवंटन एवं उपयोग सरकारी कार्यप्रणाली की रीढ़ है, जिसमें लिपिकीय संवर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

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