Shaista azmi 

उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। इस बदलते मौसम से सबसे ज्यादा चिंता आलू और सरसों की खेती करने वाले किसानों को सता रही है, क्योंकि इस समय दोनों फसलें पकने और कटाई के करीब हैं।उत्तर प्रदेश के हाथरस, अलीगढ़, एटा सहित आसपास के जिलों में हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश ज्यादा हुई या ओले गिरे तो सरसों के फूल और दाने झड़ सकते हैं, वहीं आलू की फसल में सड़न और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा।मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रह सकता है। तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इससे जहां एक ओर ठंड में इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी ओर किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल पर काफी लागत लगाई है और अगर इस समय मौसम ने ज्यादा नुकसान किया तो आर्थिक क्षति झेलनी पड़ सकती है। कई किसान मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं ताकि समय पर कटाई कर सकें।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें और जहां संभव हो वहां फसल को सुरक्षित रखने के उपाय अपनाएं।

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