शाइस्ता आज़मी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक आसान और पारदर्शी बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई इस नई व्यवस्था से अब प्रदेशवासियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया, विवाद और अनावश्यक खर्च से छुटकारा मिलेगा।नई व्यवस्था के तहत संपत्ति के बंटवारे से जुड़े नियमों को सरल किया गया है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच सहमति के आधार पर संपत्ति का विभाजन आसानी से हो सकेगा। अब लोगों को बार-बार तहसील और कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन आवेदन और तय समयसीमा में निस्तारण जैसी सुविधाओं से प्रक्रिया तेज और भरोसेमंद बन गई है।सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विवादों को कम करना और नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, जहां संपत्ति विवाद अक्सर वर्षों तक चलते रहते हैं।राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि प्रशासनिक कार्यभार भी कम होगा। जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।प्रदेशवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे योगी सरकार का जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश में संपत्ति प्रबंधन और विवाद निपटान की दिशा में एक बड़ा सुधार साबित होगी।
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