रेहान फ़ज़ल 

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ या वैश्विक व्यापार युद्ध की तुलना में प्रदूषण भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कहीं अधिक बड़ा और ‘खामोश खतरा’ बनता जा रहा है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दिए गए अपने बयान में गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत को लंबी अवधि में आर्थिक विकास बनाए रखने के लिए पर्यावरणीय चुनौतियों से गंभीरता से निपटना होगा। बढ़ता वायु प्रदूषण न केवल लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि उत्पादकता और आर्थिक क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत को अपनी विकास दर को मजबूत बनाए रखना है तो उसे प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास पर प्राथमिकता देनी होगी।

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