रेहान फ़ज़ल 

कैमूर, 16 जनवरी 2026: श्रम संसाधन विभाग कैमूर के अंतर्गत श्रम अधीक्षक कैमूर द्वारा गठित बाल श्रम विमुक्ति हेतु धावादल का संचालन चैनपुर प्रखण्ड में किया गया। इस अभियान के दौरान विभिन्न ढाबों, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते समय ग्राम खोराडीह के समीप स्थित एक प्रतिष्ठान सोन कमांड नहर द्वारा नियोजित तीन बाल श्रमिको को विमुक्त कराया गया।

विमुक्त बाल श्रमिको में से एक खगड़िया जिले के और अन्य दो कटिहार जिले के रहने वाले हैं। बाल श्रमिको को विमुक्ति के उपरांत जिला बाल संरक्षण इकाई कैमूर के सुपुर्द करते हुए दोषी नियोजक पर बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही की गई है।

श्रम अधीक्षक ने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिक को तत्काल सहायता राशि के रूप में ₹3000 भी दिए जाते हैं। साथ ही माननीय उच्चतम न्यायालय के एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में दिए गए आदेश के आलोक में दोषी नियोजक से प्रति विमुक्त बाल श्रमिक ₹20000 वसूली की भी कार्रवाई की जाएगी तथा न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के अंतर्गत भी कार्यवाही की जाएगी।

श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि ये धावादल नियमित रूप से जिला में चलाया जाता है। धावादल का नेतृत्व स्वयं कैमूर जिला के श्रम अधीक्षक श्री चंदन कुमार कर रहे थे जबकि धावादल में शामिल अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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