उफ़क साहिल

पटना। बिहार में जमीन मापी से जुड़े लंबे समय से लंबित आवेदनों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 31 जनवरी तक जमीन मापी के सभी लंबित आवेदनों का निपटारा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता को जमीन से संबंधित मामलों में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

नीतीश कुमार ने कहा कि भूमि विवाद राज्य में सामाजिक और कानूनी समस्याओं की बड़ी वजह रहे हैं, इसलिए सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिया कि जमीन मापी की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। इसके लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती और तकनीक के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के जरिए मापी प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार के इस फैसले से जमीन विवादों में कमी आने, किसानों और आम नागरिकों को राहत मिलने तथा विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि तय समयसीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

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