खुशबू खातून 

सऊदी अरब में रमज़ान-उल-मुबारक 1447 हिजरी का चाँद देख लिया गया है। चाँद दिखने की पुष्टि के साथ ही इस्लामी कैलेंडर के सबसे पवित्र महीने रमज़ान की शुरुआत हो गई है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, बुधवार 18 फरवरी 2026 से रमज़ान का पहला रोज़ा रखा जाएगा।

इस्लाम धर्म में रमज़ान का महीना बेहद पवित्र और बरकतों वाला माना जाता है। इस पूरे महीने मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखते हैं, नमाज़ की पाबंदी करते हैं और अल्लाह की इबादत में अधिक समय बिताते हैं। रमज़ान को सब्र, इबादत और आत्मसंयम का महीना कहा जाता है।

चाँद दिखने के बाद सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों में तरावीह की नमाज़ अदा की गई। मस्जिदों में विशेष तैयारियाँ की गईं और धार्मिक माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय ने एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी।

रमज़ान इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर का नौवां महीना होता है। मान्यता है कि इसी महीने पवित्र कुरान शरीफ नाज़िल हुआ था। इस दौरान रोज़ेदार सुबह फज्र की अज़ान से पहले सहरी करते हैं और शाम को मगरिब की अज़ान पर रोज़ा इफ्तार करते हैं।

रमज़ान का महीना गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का भी संदेश देता है। ज़कात और सदका देने की परंपरा इस महीने में विशेष रूप से निभाई जाती है। मस्जिदों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा इफ्तार का आयोजन भी किया जाता है।

चाँद दिखने की खबर के बाद भारत सहित कई अन्य देशों में भी रमज़ान की शुरुआत को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर चाँद देखने के बाद विभिन्न देशों में रमज़ान की तिथि की पुष्टि की जाएगी।

रमज़ान के बाद ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया जाएगा, जो पूरे महीने की इबादत और संयम का प्रतीक होता है। मुस्लिम समाज के लिए यह महीना आत्मशुद्धि, भाईचारे और इंसानियत का संदेश लेकर आता है।

0 Likes
0 Comments

Discussion (0)

Join the discussion by logging in to your account.

SIGN IN

Be the first to share your thoughts!

Journalist Profile

Khushboo Khatoon

Covering breaking news and insightful stories at Kalamlok Stories.