नवीदुल हसन
भारत ने अमेरिका-नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन में शामिल होने पर समझौता किया
भारत ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को अमेरिका की अगुवाई वाले रणनीतिक गठबंधन पैक्स सिलिका में शामिल होने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए मजबूत और सुरक्षित सप्लाई चेन तैयार करना है।
समझौते पर हस्ताक्षर कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw और भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor मौजूद रहे।
अमेरिकी विदेश विभाग के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी Jacob Helberg ने कहा कि “भविष्य उन्हीं का है जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र देश मिलकर काम करते हैं, तो वे नई ताकत बन जाते हैं।”
पैक्स सिलिका पहल की शुरुआत पिछले साल दिसंबर में हुई थी। 12 दिसंबर को Washington में आयोजित समिट में कई देशों ने इसके घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इस घोषणा में कच्चे माल से लेकर सेमीकंडक्टर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तक पूरी सप्लाई चेन में गहरे आर्थिक और तकनीकी सहयोग का साझा विजन रखा गया है।
इस गठबंधन में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया (रिपब्लिक ऑफ कोरिया), सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश पहले से शामिल हैं। पिछले महीने भारत को भी इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था।
घोषणा-पत्र में कहा गया है कि मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन सभी देशों की आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी है। साथ ही, AI को भविष्य की समृद्धि का प्रमुख साधन बताया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में AI की वजह से ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गठबंधन में शामिल होकर भारत को वैश्विक तकनीकी और आर्थिक ढांचे में अपनी भूमिका और मजबूत करने का मौका मिल सकता है।
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