नवीदुल हसन
दिल्ली दंगों के मामले में सलिम ख़ान तिहाड़ जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट से मिली ज़मानत
दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में लंबे समय से तिहाड़ जेल में बंद सलिम ख़ान को आखिरकार जेल से रिहा कर दिया गया है। उन्हें 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिली थी, जिसके बाद सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर 8 जनवरी 2026 को वे तिहाड़ जेल से बाहर आए। सलिम ख़ान बीते करीब पांच साल से न्यायिक हिरासत में थे।
सलिम ख़ान पर 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान हिंसा भड़काने और दंगों में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और तभी से वे तिहाड़ जेल में बंद थे। मामले की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में चलती रही, लेकिन लंबे समय तक उन्हें ज़मानत नहीं मिल सकी।
सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान सलिम ख़ान को ज़मानत देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी लंबे समय से जेल में है और ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है। इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें सशर्त ज़मानत दी। कोर्ट के आदेश के बाद अब सलिम ख़ान को जेल से रिहा किया गया है।
जेल से बाहर आते समय सलिम ख़ान के साथ उनके परिजन भी मौजूद थे। बाहर समर्थकों और जान-पहचान वालों की भीड़ देखी गई। कई लोगों ने उनकी रिहाई पर खुशी जाहिर की। सलिम ख़ान जेल से बाहर निकलते समय शांत नजर आए और उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया।
परिवार का कहना है कि वे लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उनके मुताबिक, करीब पांच साल जेल में रहना आसान नहीं था, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा था। अब वे घर लौटकर अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे और आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।
वहीं, इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं, तो कुछ लोग मामले की गंभीरता को देखते हुए सवाल भी उठा रहे हैं। हालांकि, फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद सलिम ख़ान को राहत मिली है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, ज़मानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि मामला खत्म हो गया है। सलिम ख़ान को आगे भी अदालत में पेश होना होगा और ट्रायल जारी रहेगा। कोर्ट ने ज़मानत के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनका पालन करना उनके लिए जरूरी होगा।
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