उफ़क साहिल

सरकार टोल वसूली को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी में, FASTag और नए ऑटोमैटिक सिस्टम होंगे लागू

देशभर में नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव सामने आ सकता है। 1 अप्रैल 2026 से सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर कैश भुगतान की व्यवस्था समाप्त की जा सकती है। केंद्र सरकार टोल वसूली प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना, ट्रैफिक जाम की समस्या को घटाना और टोल कलेक्शन सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाना है। इस दिशा में National Highways Authority of India (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मिलकर नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

देश में पहले से ही National Electronic Toll Collection (NETC) के तहत FASTag को अनिवार्य किया जा चुका है। अब सरकार इसे और सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नियमों के तहत टोल प्लाजा पर केवल FASTag या अन्य डिजिटल माध्यमों से ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा।

जिन वाहनों में वैध FASTag नहीं होगा या जिनका टैग सक्रिय नहीं होगा, उनसे दोगुना टोल वसूला जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है।

जीपीएस आधारित टोल सिस्टम पर भी विचार

सरकार भविष्य में जीपीएस आधारित टोलिंग सिस्टम लागू करने पर भी विचार कर रही है। इस व्यवस्था में वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उसी के अनुसार टोल राशि स्वतः कट जाएगी। इससे टोल प्लाजा की आवश्यकता भी धीरे-धीरे कम हो सकती है।

ANPR तकनीक से बिना रुके कटेगा टोल

ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडिंग (ANPR) सिस्टम लागू होने के बाद कैमरे वाहन की नंबर प्लेट स्कैन करेंगे और लिंक्ड बैंक खाते या वॉलेट से सीधे टोल राशि काटी जाएगी। इससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रा और भी सुगम हो जाएगी।

टोल प्लाजा पर समय की बचत

लंबी कतारों से राहत

ईंधन की खपत में कमी

डिजिटल भुगतान का सुरक्षित रिकॉर्ड

भ्रष्टाचार और नकद लेनदेन की संभावना में कमी

ग्रामीण क्षेत्रों या कम डिजिटल साक्षरता वाले वाहन चालकों को शुरुआत में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार जागरूकता अभियान और सहायता केंद्र शुरू कर सकती है।

हालांकि अभी अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन मंत्रालय स्तर पर इस प्रस्ताव पर गंभीर विचार चल रहा है। यदि यह फैसला लागू होता है, तो 2026 से हाईवे यात्रा पूरी तरह ‘कैशलेस’ और टेक्नोलॉजी आधारित हो जाएगी।

0 Likes
0 Comments

Discussion (0)

Join the discussion by logging in to your account.

SIGN IN

Be the first to share your thoughts!

Journalist Profile

Ufaque

Covering breaking news and insightful stories at Kalamlok Stories.